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श्री गोविन्द देव जी की विवाह की इच्छा और श्री राधारानी सरकार का आगमन
जयपुर के प्रसिद्ध गोविंद देव जी मंदिर में स्थापित भगवान गोविंद देव जी और राधा रानी की मूर्तियाँ मूल रूप से वृंदावन की ही हैं और इनकी कथा अति ही रस भरी है। एक ओर गोविन्द देव जी की बाल मनुहार है तो दूसरी ओर मदन मोहन जी का फेरा। आखिर हमारे लाल जू स्वयं टेढ़े हैं, तो सिधाई तो उनके विग्रह में भी कहाँ से होगी।
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भक्तिकाल में श्रीमद् गोविंददेव जी के विग्रह का पुनर्प्राकटय
भक्तिकाल में जयपुर/वृंदावन के प्रसिद्ध श्रीमद् गोविंददेव जी के विग्रह (मूर्ति) के प्राकट्य की कथा अत्यंत अलौकिक और श्रद्धा से भरी है। यह मुख्य रूप से गौड़ीय वैष्णव संप्रदाय के आचार्य श्रीमद् रूप गोस्वामी जी से जुड़ी हुई है।

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