वैष्णव थाली के लिए एक दिन एडवांस में दोपहर 1:00 से 4:00 बजे के बीच कॉल द्वारा संपर्क करें। व्रत की थाली भी उपलब्ध है| काली मिर्ची और सेंधा नमक ही प्रयोग में लाया जाता है और दैनिक मसाले नहीं होते हैं| वैष्णव थाली और नाश्ते में प्याज - लहसुन नहीं होता और मिर्च - मसाले कम होते हैं|

गोविन्द रस

श्री राधा गोविन्द देव जी मंदिर, जयपुर में हम जयपुरवासी बड़े ही प्रेम और मनुहार से हमारे प्रिय ठाकुर श्री गोविन्द देव जी और ठकुरानी श्री राधा रानी को मनाकर रखते हैं। प्रत्येक झाँकी (दर्शन) में अलग तरह के भजन-आरती होती हैं और सालों से ये बिना किसी माइक और विशेष वाद्य के बस भावों के अधीन हो, उन्हें सुनाई जाती हैं। कुछ राजस्थानी भाषा के रसीले भजन, तो कुछ ब्रजमण्डल में गाये जाने वाले गोपियों के प्रेम भरे सवैये और कवित्त, तो कुछ वो बंगला भाषा मिश्रित आरतियाँ , जो श्री विग्रह के प्राकट्य काल से गत 500 सालों से उनके आगे प्रस्तुत की जाती हैं। ऐसा लगता है कि सम्पूर्ण भारत के भाव यहीं हैं। उन्हीं भावमयी भजनों का अर्थ सहित संकलन करने का यह एक प्रयास मात्र है।

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woman wearing yellow long-sleeved dress under white clouds and blue sky during daytime

The poetry on Govind Ras touched my heart deeply, truly inspiring.

Anita K

A serene image of an open notebook with handwritten poetry beside a lit diya lamp.
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Govind Darshan's photo stories bring the temple's spirit alive beautifully.

Ravi S

A vibrant photo collage showcasing temple festivities and joyful devotees.
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